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DEPARTMENT OF ANCIENT HISTORY, CULTURE & ARCHAEOLOGY

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प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व

                    प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1966 ई. से स्नातक स्तर पर संचालित है। वर्ष 1986 ई. से विभाग परास्नातक स्तर पर अनुदानित श्रेणी में संचालित है। अपने स्थापना काल से ही प्राचीन इतिहास विभाग विद्यार्थियों के मध्य एक लोकप्रिय विषय बना रहा है। विभाग के अनेक विद्यार्थियों ने संघीय एवं राज्य लोक सेवाओं हेतु आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राचीन इतिहास मूल विषय के साथ उच्च स्थान प्राप्त किया है तथा महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत् हैं। राष्टीय शिक्षा नीति(NEP)-2020 प्राचीन इतिहास विषय अध्ययन के बहुविषयक दृष्टिकोण पर बल देती है जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत एवं अन्य प्राचीन भाषाओं के साहित्य को बढ़ावा देना, प्राचीन पाण्डुलिपियों का संरक्षण करना शामिल है। इस आलोक में नवीन पाठ्यक्रम के अन्तर्गत विश्वविद्यालय द्वारा विषय को शोध केन्द्रित एवम रोजगारपरक बनाया गया है जिसके अन्तर्गत क्षेत्रीय स्तर पर प्राचीन इतिहास में अनुसंधान प्रमुख विषय है इस हेतु वर्तमान में स्नातक स्तर पर अन्तिम वर्ष के विद्यार्थियों को क्षेत्रीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व की खोज हेतु परियोजना कार्य में संलग्न कर शोधपत्र लेखन कला एवं परंपरागत क्षेत्रीय संस्कृति को संजोने एवं उन्नयन हेतु प्रेरित किया जाता है। परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए अन्तिम सेमेस्टर में लघुशोध प्रबन्ध प्रस्तुत करना अनिवार्य है जिसके अन्तर्गत विद्यार्थी प्राचीन इतिहास से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर  लघुशोध प्रबन्ध पर कार्य कर रहे हैं। नवीन ऐतिहासिक खोजें पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा देती हैं जिसके अन्तर्गत विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों की गहन जानकारी होना आवश्यक है। इस हेतु विद्यार्थियों को नवीन तकनीकी ज्ञान की जानकारी विभाग द्वारा दी जाती है। परास्नातक के बाद कई विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) में सफलता हासिल की है तथा शोध कार्य में संलग्न है। प्राचीन इतिहास विभाग में कुल तीन पद सृजित हैं। वर्तमान में श्री भूपेश प्रताप सिंह एवं श्री सर्वेश कुमार सिंह कार्यरत हैं। श्री भूपेश प्रताप सिंह वर्तमान समय में भारतीय इतिहास संकलन समिति तथा उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस संस्थाओं में आजीवन सदस्य हैं। श्री सर्वेश कुमार सिंह भारतीय इतिहास संकलन समिति के आजीवन सदस्य हैं।